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Bill Book App in Hindi: Digital Khata Book for Small Shop Owners

Bill Book App in Hindi: Digital Khata Book for Small Shop Owners

बिल बुक ऐप हिंदी में: छोटे दुकानदारों के लिए डिजिटल खाता बही

छोटे दुकानदारों के लिए पारंपरिक खाता बही अब पुरानी हो चुकी है। आज के डिजिटल युग में बिल बुक ऐप जैसे आधुनिक ऐप्स आपके व्यवसाय को आसान और कुशल बना देते हैं। यह ऐप हिंदी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध है, जो किराना स्टोर, मेडिकल शॉप, गारमेंट्स की दुकान आदि के मालिकों के लिए परफेक्ट है।[2][1]

डिजिटल खाता बही क्या है?

डिजिटल खाता बही एक मोबाइल ऐप है जो कागजी रजिस्टर की जगह लेता है। इसमें आप ग्राहकों के उधार (क्रेडिट), देनदारी (डेबिट), भुगतान और स्टॉक को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। ऐप ऑफलाइन काम करता है और इंटरनेट आने पर डेटा सिंक हो जाता है। छोटे व्यवसायों के लिए यह फ्री और सुरक्षित है। उदाहरण के लिए, खाताबुक या बहि खाता जैसे ऐप्स 2 करोड़ से ज्यादा दुकानदारों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं।[3][4]

बिल बुक ऐप की मुख्य विशेषताएं

स्मार्ट बिलिंग और इनवॉइसिंग: ऐप से सेकंडों में प्रोफेशनल जीएसटी और नॉन-जीएसटी इनवॉइस बनाएं। अपनी दुकान का लोगो, टर्म्स ऐड करें और व्हाट्सएप, ईमेल या पीडीएफ से शेयर करें। रेंट इनवॉइस भी आसानी से जेनरेट करें, जैसे कि दुकान का किराया बिल क्लाइंट को भेजना। यह फीचर किराएदारों या प्रॉपर्टी मालिकों के लिए उपयोगी है।[2]

स्टॉक मैनेजमेंट: रीयल-टाइम स्टॉक ट्रैकिंग, लो स्टॉक अलर्ट और प्रोडक्ट ऐड/एडिट। बिक्री पर ऑटोमैटिक अपडेट।[2][1]

पार्टी लेजर: ग्राहक, सप्लायर और बैंक बैलेंस एक जगह। पेमेंट रिमाइंडर एसएमएस/व्हाट्सएप से भेजें।[1][3]

कैश बुक: खर्च ट्रैकिंग और कैश इन हैंड मॉनिटरिंग।

स्टाफ बुक: अटेंडेंस, पेरोल और सैलरी मैनेजमेंट।

मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट: हिंदी, गुजराती, इंग्लिश आदि में उपलब्ध। पिन/बायोमेट्रिक लॉक से सुरक्षित।[2][1]

छोटे दुकानदारों के लिए फायदे

यह ऐप किराना स्टोर, ज्वेलरी शॉप, रेस्टोरेंट, सैलून आदि के लिए डिजाइन किया गया है। पारंपरिक उधार बहि खाता 2 घंटे लगता था, अब मिनटों में हो जाता है। ऑटो बैकअप, बिजनेस रिपोर्ट्स (सेल्स, प्रॉफिट, एक्सपेंस) और मल्टी-बिजनेस मैनेजमेंट से व्यवसाय बढ़ता है। जीएसटी कंप्लायंट रिपोर्ट्स से टैक्स फाइलिंग आसान।[2][3][4]

उदाहरण: एक किराना स्टोर मालिक ने बताया, 'खाताबुक से उधार ट्रैकिंग आसान हो गई, भूलने की समस्या खत्म।' पेमेंट कलेक्शन यूपीआई या क्यूआर कोड से।[3]

रेंट इनवॉइस कैसे बनाएं?

ऐप ओपन करें, बिल बुक सेक्शन में जाएं। नया इनवॉइस बनाएं, रेंट इनवॉइस टेम्प्लेट चुनें। किराया अमाउंट, डेट, टर्म्स भरें। जीएसटी ऐड करें अगर लागू हो। व्हाट्सएप से शेयर करें। ऑफलाइन भी काम करता है। यह फीचर प्रॉपर्टी डीलर्स या दुकान मालिकों के लिए बेस्ट है।[2]

कौन इस्तेमाल कर सकता है?

  • किराना और जनरल स्टोर
  • मेडिकल और फार्मेसी
  • गारमेंट्स और टेलर
  • मोबाइल रिचार्ज शॉप
  • रेस्टोरेंट और जूस शॉप
  • फ्रीलांसर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स

मल्टी-यूजर एक्सेस से टीम मैनेजमेंट आसान। क्लाउड बैकअप से डेटा सेफ।[2][4]

कैसे शुरू करें?

गूगल प्ले या ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। अकाउंट बनाएं, बिजनेस ऐड करें, पहला कस्टमर ऐड करें। 2 मिनट में सेटअप। फ्री वर्जन से शुरू करें।[1][4]

डिजिटल इंडिया में शामिल हों, पेपरलेस जाएं। बिल बुक ऐप से उत्पादकता बढ़ाएं, कैश फ्लो इम्प्रूव करें और कस्टमर रिलेशन मजबूत बनाएं। आज ही ट्राई करें![2][9]