मकान किराया रसीद बनाने का सही तरीका
मकान **किराया रसीद** (Rent Receipt) किरायेदार और मकान मालिक दोनों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह न केवल किराया भुगतान का प्रमाण है, बल्कि HRA (House Rent Allowance) क्लेम के लिए आयकर विभाग द्वारा अनिवार्य है। गलत फॉर्मेट की वजह से आपका HRA क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। इस गाइड में हम **मकान किराया रसीद** बनाने का सही तरीका, अनिवार्य फील्ड्स, रेवेन्यू स्टांप, PAN और GST नियम विस्तार से समझाएंगे।[1][2]
मकान किराया रसीद में अनिवार्य जानकारी क्या होनी चाहिए?
एक वैध **rent invoice** या किराया रसीद में निम्नलिखित फील्ड्स अनिवार्य हैं:
- किरायेदार का नाम: नौकरी कार्ड या PAN कार्ड के अनुसार पूरा नाम।
- मकान मालिक का नाम और हस्ताक्षर: मूल मालिक या अधिकृत प्रतिनिधि का हस्ताक्षर।
- प्रॉपर्टी का पूरा पता: शहर, राज्य और पिन कोड सहित।
- किराया राशि और भुगतान मोड: नकद, चेक, UPI या बैंक ट्रांसफर के साथ रेफरेंस नंबर।
- किराया अवधि: महीना/वर्ष, जैसे जनवरी 2026।
- भुगतान की तारीख: वास्तविक भुगतान तिथि।
- रसीद नंबर: ट्रैकिंग के लिए यूनिक सीरियल नंबर।
इन सभी फील्ड्स के बिना रसीद अमान्य मानी जाती है।[1][3]
रेवेन्यू स्टांप कब लगाना जरूरी है?
नकद भुगतान ₹5,000 से अधिक होने पर **रेवेन्यू स्टांप** (₹1 का) लगाना अनिवार्य है। मकान मालिक को स्टांप पर हस्ताक्षर करना चाहिए। डिजिटल भुगतान (UPI, चेक, बैंक ट्रांसफर) में स्टांप की जरूरत नहीं। residential rent के लिए GST लागू नहीं होता, लेकिन commercial rent पर ₹20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले मकान मालिक को GST लगाना पड़ सकता है।[1][2][5]
मकान मालिक का PAN कब जरूरी है?
वार्षिक किराया ₹1 लाख से अधिक होने पर मकान मालिक का PAN रसीद पर या अलग घोषणा में देना जरूरी। HRA क्लेम के समय नियोक्ता या आयकर विभाग PAN मांग सकता है। PAN न होने पर HRA छूट नहीं मिलेगी।[1][5]
मकान किराया रसीद का सैंपल फॉर्मेट
यहां एक स्टैंडर्ड **मकान किराया रसीद** का उदाहरण है:
किराया रसीद (Rent Receipt)
रसीद संख्या: REC-2026-001
प्राप्ति: [किरायेदार का नाम]
पता: [प्रॉपर्टी पता]
राशि: ₹15,000/- (पंद्रह हजार रुपये मात्र)
भुगतान मोड: UPI (xxxx@paytm)
अवधि: जनवरी 2026
तारीख: 05/01/2026
मकान मालिक के हस्ताक्षर
[मकान मालिक का नाम]
[PAN: ABCDE1234F] (यदि लागू)
रेवेन्यू स्टांप (नकद >₹5k के लिए)
इस फॉर्मेट को कॉपी करके इस्तेमाल करें।[1][4]
डिजिटल किराया रसीद वैध है?
हां, डिजिटल साइन या ई-साइन वाली **rent invoice** पूरी तरह वैध है। इसमें सभी अनिवार्य फील्ड्स होने चाहिए। नियोक्ता और आयकर विभाग PDF या इमेज स्वीकार करते हैं। मासिक रसीदें रखें, वार्षिक न बनाएं।[1]
आम गलतियां जो HRA क्लेम रिजेक्ट कराती हैं
- अधूरी जानकारी: पता या अवधि गायब।
- बिना हस्ताक्षर की रसीद।
- रेवेन्यू स्टांप न लगाना (नकद भुगतान में)।
- PAN न देना जब किराया >₹1 लाख सालाना।
- गलत राशि या तारीख।
इनसे बचें और सही **मकान किराया रसीद** बनाएं।[1][2]
HRA क्लेम के लिए रसीद कैसे सबमिट करें?
- रसीद जेनरेट करें (Cleartax या Tax2win जैसे टूल्स से)।
- डिटेल्स वेरिफाई करें।
- मकान मालिक से साइन करवाएं।
- HR को सबमिट करें।
फ्री जेनरेटर: cleartax.in/save/rent[5]
किराया रसीद बनाते समय टिप्स
- मासिक रसीदें रखें बेहतर रिकॉर्ड के लिए।
- भुगतान मोड हमेशा मेंशन करें।
- दोनों पक्षों को कॉपी दें।
- डिजिटल रिकॉर्ड बैकअप रखें।
इस तरीके से बनी **मकान किराया रसीद** आपका HRA क्लेम 100% पास कराएगी। अधिक जानकारी के लिए टैक्स एक्सपर्ट से संपर्क करें।[1][2][3]