किराया पर्ची कैसे बनाएं – बिना किसी मुश्किल के
किराया पर्ची या **rent invoice** बनाना लैंडलॉर्ड्स के लिए बहुत जरूरी है। यह दस्तावेज किराए के भुगतान का प्रमाण प्रदान करता है और जीएसटी अनुपालन के लिए अनिवार्य होता है। इस गाइड में हम आपको **rent invoice** बनाने के सरल स्टेप्स बताएंगे, ताकि आप बिना किसी परेशानी के इसे तैयार कर सकें।
किराया पर्ची क्या है और क्यों जरूरी है?
**Rent invoice** एक औपचारिक दस्तावेज है जो लैंडलॉर्ड द्वारा टेनेंट को जारी किया जाता है। इसमें किराए की राशि, भुगतान की तारीख, संपत्ति का विवरण आदि शामिल होता है। भारत में जीएसटी के तहत, अगर आपका किराया टर्नओवर 20 लाख से अधिक है, तो **rent invoice format in GST** का पालन करना पड़ता है। यह टेनेंट को टैक्स छूट का प्रमाण भी देता है।[1][3]
किराया पर्ची में क्या-क्या शामिल करें?
एक परफेक्ट **rent invoice** में निम्नलिखित डिटेल्स होनी चाहिए:
- लैंडलॉर्ड की जानकारी: नाम, पता, संपर्क नंबर, ईमेल, PAN नंबर।
- टेनेंट की जानकारी: नाम, पता, संपर्क विवरण।
- इनवॉइस नंबर और तारीख: यूनिक नंबर और जारी करने की तारीख।
- संपत्ति का विवरण: पूरा पता, फ्लैट नंबर।
- किराया विवरण: मासिक किराया, अवधि (जैसे मई 2025), राशि शब्दों और अंकों में।
- अतिरिक्त चार्जेस: लेट फीस, मेंटेनेंस आदि।
- टैक्सेस: जीएसटी अगर लागू हो।
- कुल राशि: ग्रैंड टोटल।
- भुगतान निर्देश: बैंक डिटेल्स, IFSC कोड।
- शर्तें: पेमेंट टर्म्स और कंडीशंस।
उदाहरण के लिए, एक सैंपल में Rs. 85,000 का किराया मई 2025 के लिए था, जिसमें PAN, बैंक डिटेल्स शामिल थे।[2]
किराया पर्ची बनाने के स्टेप-बाय-स्टेप तरीके
**चरण 1: टेम्प्लेट चुनें**
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल या ऑनलाइन टूल्स जैसे PICE App का इस्तेमाल करें। रेडीमेड **rent invoice template** डाउनलोड करें।[1][4]
**चरण 2: हेडर कस्टमाइज करें**
'Rent Invoice' टाइटल, इनवॉइस नंबर और डेट डालें।
**चरण 3: लैंडलॉर्ड डिटेल्स भरें**
अपना नाम, पता, PAN (जैसे AEEPP4945F) डालें।[2]
**चरण 4: टेनेंट डिटेल्स ऐड करें**
टेनेंट का नाम, संपत्ति पता।[3]
**चरण 5: किराया डिटेल्स लिखें**
महीना, राशि (जैसे Rs. 85,000/-), जीएसटी अगर लागू।[1][2]
**चरण 6: अतिरिक्त चार्जेस और टोटल कैलकुलेट करें**
सबटोटल, टैक्स, डिस्काउंट, ग्रैंड टोटल।
**चरण 7: भुगतान इंस्ट्रक्शंस दें**
बैंक नाम, अकाउंट नंबर, IFSC (जैसे ICIC0000228)।[2]
**चरण 8: टर्म्स एंड कंडीशंस ऐड करें**
देर से पेमेंट पर पेनल्टी आदि।
**चरण 9: साइन और डिलीवर करें**
दोनों पार्टियों के साइन लें और कॉपी रखें।[3]
जीएसटी के तहत rent invoice format
जीएसटी रजिस्टर्ड लैंडलॉर्ड्स को **TAX INVOICE** फॉर्मेट यूज करना चाहिए। इसमें HSN कोड (9972 फॉर रेंटल सर्विसेज), GSTIN, टैक्स रेट शामिल करें। टोटल अमाउंट में टैक्स जोड़ें।[1][2]
ऑनलाइन टूल्स और ऐप्स का उपयोग
PICE App, QuickBooks, Bookipi जैसे टूल्स से ऑटोमेटेड **rent invoice** जेनरेट करें। ये फ्री टेम्प्लेट्स देते हैं और ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।[1][6][7]
आम गलतियां避免 करें
- डिटेल्स में गलती न करें, वरना लीगल इश्यू हो सकता है।
- देय तारीख (**due date**) जरूर मेंशन करें।
- पिछले पेमेंट्स और डिपॉजिट नोट करें।
- सभी कॉपियां सुरक्षित रखें।
नमूना rent invoice
यहां एक सिंपल HTML फॉर्मेट है:
<h3>TAX INVOICE</h3>
Invoice No: R001
Date: 01-02-2026
From: [लैंडलॉर्ड नाम]
To: [टेनेंट नाम]
Rent for Feb 2026: Rs. 20,000/-
Total: Rs. 20,000/-
Bank: [डिटेल्स]
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