रेंट एग्रीमेंट कैसे बनाएं – कानूनी जरूरतें और टेम्पलेट
भारत में किराए की संपत्ति पर रहने वाले किरायेदार और मकान मालिक के बीच रेंट एग्रीमेंट बनाना अनिवार्य है। यह दस्तावेज दोनों पक्षों के अधिकारों और दायित्वों को स्पष्ट करता है तथा कानूनी विवादों से बचाता है। इस गाइड में हम बताएंगे कि रेंट एग्रीमेंट कैसे बनाएं, कौन-सी कानूनी जरूरतें पूरी करनी हैं और फ्री टेम्पलेट का उपयोग कैसे करें।
रेंट एग्रीमेंट क्या है और क्यों जरूरी है?
रेंट एग्रीमेंट एक लिखित अनुबंध है जो मकान मालिक (लैंडलॉर्ड) और किरायेदार (टेनेंट) के बीच संपत्ति के किराए के नियम निर्धारित करता है। यह भारतीय संविदा अधिनियम 1872, संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1882 और पंजीकरण अधिनियम 1908 के तहत शासित होता है[3][1]。 अधिकांश रेंट एग्रीमेंट 11 महीने के लिए बनाए जाते हैं क्योंकि 12 महीने या इससे अधिक के लिए पंजीकरण अनिवार्य है[2][4]। रेंट इनवॉइस भी इसी एग्रीमेंट के आधार पर जारी की जाती है जो किराए के भुगतान का प्रमाण होती है।
रेंट एग्रीमेंट में शामिल होने वाले जरूरी सेक्शन
एक पूर्ण रेंट एग्रीमेंट में निम्नलिखित सेक्शन होने चाहिए[1][2]:
- पार्टियां: मकान मालिक और किरायेदार के नाम, पता, संपर्क विवरण।
- संपत्ति विवरण: पता, सीमाएं, फिक्सचर और फर्नीचर की सूची।
- अवधि: शुरूआत और समाप्ति तिथि, नवीनीकरण शर्तें।
- किराया और भुगतान: राशि, तारीख, विधि, देरी पर जुर्माना।
- सुरक्षा जमा: राशि (आमतौर पर 2-10 महीने का किराया), रिफंड शर्तें।
- रखरखाव: दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां।
- उपयोगिता बिल: बिजली, पानी आदि का भुगतान।
- समापन: नोटिस पीरियड (30-60 दिन)।
- विवाद समाधान: कोर्ट या मध्यस्थता।
इनके अलावा, हाउस रूल्स, पेमेंट शेड्यूल और परिशिष्ट जैसे आईडी प्रूफ, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स शामिल करें[1]。
रेंट एग्रीमेंट बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज
दोनों पक्षों को निम्न दस्तावेज प्रदान करने होते हैं[2][4]:
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।
- पते का प्रमाण।
- मकान मालिक के लिए प्रॉपर्टी ओनरशिप डॉक्यूमेंट्स (सेल डीड, टाइटल डीड)।
- किरायेदार के लिए आय प्रमाण और पिछले रेंटल हिस्ट्री।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
पंजीकृत एग्रीमेंट के लिए प्रॉपर्टी टैक्स रसीद और सोसाइटी NOC भी लग सकती है[2]。
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण प्रक्रिया
रेंट एग्रीमेंट को उचित स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करें। स्टाम्प ड्यूटी राज्य के अनुसार भिन्न होती है। 11 महीने से कम के लिए पंजीकरण वैकल्पिक है लेकिन अनुशंसित। 12 महीने या अधिक के लिए अनिवार्य[3][7]। ई-स्टाम्प का उपयोग करें और सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में पंजीकृत करवाएं। मॉडल टेनेंसी एक्ट कई राज्यों में लागू हो रहा है जो डिजिटल पंजीकरण की सुविधा देता है[2]。
रेंट एग्रीमेंट टेम्पलेट का उपयोग कैसे करें
फ्री टेम्पलेट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं जैसे Genie AI या NoBroker[1][4]। टेम्पलेट डाउनलोड करें, विवरण भरें, प्रिंट करें और साइन करें। सैंपल क्लॉज: "यह एग्रीमेंट [तारीख] से 11 महीने के लिए वैलिड होगा। किराया [राशि] रुपये मासिक, 5 तारीख तक payable।" संपत्ति की फोटो और इन्वेंटरी लिस्ट संलग्न करें[2]। रेंट इनवॉइस के लिए अलग से फॉर्मेट बनाएं जिसमें किराया, देरी चार्ज और भुगतान डिटेल्स हों।
किरायेदार और मकान मालिक के अधिकार
मकान मालिक को किराया समय पर मिलना, संपत्ति सुरक्षित रखना। किरायेदार को शांतिपूर्ण कब्जा, रखरखाव। निषिद्ध गतिविधियां जैसे सबलेटिंग बैन[1][3]। विवाद के लिए स्थानीय किराया ट्रिब्यूनल या कोर्ट जाएं।
टैक्स सेविंग टिप्स और सामान्य गलतियां
किरायेदार HRA क्लेम कर सकते हैं। मकान मालिक 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन पा सकते हैं[8]। गलतियां: अस्पष्ट क्लॉज, स्टाम्प ड्यूटी न चुकाना। हमेशा लीगल एक्सपर्ट से सलाह लें[2]。
निष्कर्ष
सही रेंट एग्रीमेंट बनाकर आप सुरक्षित रहें। फ्री टेम्पलेट डाउनलोड करें, कस्टमाइज करें और पंजीकृत करवाएं। इससे रेंट इनवॉइस और अन्य ट्रांजेक्शन आसान हो जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए लोकल लॉ चेक करें।